5. गज़ल
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दिया दिल को धोखे का उपहार है
किया जो कपट उस की ये हार है
बिगड़ने लगे बच्चे अब आजकल
नशा करता बरबाद परिवार है
हमेशा जहाँ का नियम ये रहा
मिलन ओर जुदाई की दरकार है
वो रिश्ता हुआ जी का जंजाल ही
बना दोगला जिस का किरदार है
ए नीलम चुनौती दे इस रीत को
बदल जाता लड़की का हकदार है