Tuesday, 1 December 2020

तेरी मेरी परछाई

 तेरी मेरी परछाई 


खवाबों में कुछ खयाल बुने जिसमें
शामिल थे मै और मेरी तन्हाई
आधे अधूरे से उन खवाबों में जाने
क्यू नजर आई तेरी मेरी परछाई

ढूँढने लगी दिन वो अतीत के
जिसने पींग प्यार की डलवाई
बन हमसफर साथ तेरे चली मै
अपने आप से ही मै सकुचाई

दिन थे हसीन चारों तरफ बहार
उतर गई ओढनी और मै शरमाई
दोनों हाथों में थाम चुननर देखा
मिली नजरें जैसे ही चली पुरवाई

दिल ने बात की बढ गई धड़कने
डर गई हो ना जाए जगहसांई
सिमट गई अपने आप में ही
बैठ गया दिल हो ना जाए रुसवाई

थाम हाथों में हाथ पाई दहलीज नई
मिला साथ तेरा मिली मंजिल नई
नए गीत नए रिश्ते हर बात नई
तेरे मेरे मन में बज रही थी शहनाई