Tuesday, 19 July 2022

सिला

 



                सिला

मेरी चाहतों का नहीं  सिला  मिला
जिंदगी भर सबसे ही गिला मिला

खार ही आए मेरे हिस्से में तो
कभी कोई फूल नहीं खिला मिला

सपनों के साथ उड़ना चाहा जब
रीति-रिवाज का खड़ा किला मिला

मरहम लगाती रही उम्रभर जिसपर
हर बार जख्म वही छिला मिला

नदिया की धार सी बह निकली
लाख राह में अड़ा शिला मिला

जब तराश  लिया वजूद  अपना
फिर नीलम को सारा विला मिला 

Saturday, 9 July 2022

गिले शिकवे

 गिले शिकवे

क्या दिन थे जब हम मिले थे

लगा हर जगह फूल खिले थे


बरसों रहा तेरा मेरा याराना

बरसों चले यही सिलसिले थे


याद है तुझे पाने का वो जनून

जाने कितने फतह किए किले थे 


खुश थे एक साथ रहकर हम 

चाहे एक दूसरे से बहुत गिले थे


कांटों की चुभन महसूस ना हो

खूबसूरती से ही लब सिले थे 


खार चुभ रहें हैं आज तो क्या

तेरी यादों  से ही जख्म छिले थे


धोखा दिया वक़्त ने ये कैसा

कभी तो हजारों रंग खिले थे

Monday, 4 July 2022

धड़कने लगा हूँ

 


           धड़कने लगा हूँ

तेरे सांसो की महक से महकने लगा हूँ मै
ए दिल  तू रोक ले मुझे बहकने लगा हूँ मैं

इस अंदाज से मत देख  मुझे महबूब मेरे
चाहतों की कसम तुझे चाहने लगा हूँ मैं

मुझसे दूर जाने की कोशिश करके देख ले
अब तेरे दिल में रहकर धड़कने लगा हूँ मै

राज पूछेगें सब तेरे चेहरे की मुस्कान का
तेरी परछाई बन साथ तेरे चलने लगा हूँ मै

ख्वाबों ख्यालों की जो ये दुनिया है तेरी
तेरे सपनों में साथ तेरे चहकने लगा हूँ मै

गवाही देगा पूनम का चाँद भी प्यार की
जो चौंध बन माथे तेरे चमकने लगा हूँ मै

रंग ये  तेरे बदन का बदल रहा है जो
बन ज्वाला  सी तुझमें दहकने लगा हूँ मै

नजरें गवाह है दिल में बसे इस प्यार की
काजल बन आँख में फड़कने लगा हूँ मै

आ बैठ पास मेरे आत्मसात हो जाए
नीलम कयूँ तेरे प्यार में भटकने लगा हूँ