देश के पहरेदार
हो रही है कैसे जिंदगी की
गुजर बसर देख लो
मच रही है हाय तौबा चारों ओर
घुमा के नजर देख लो
डूब रहे है लोग बाढ़ के पानी में
मचा हाहाकार देख लो
छोड़ कर हित जनता के नेता लड़ते
वोट के खरीददार देख लो
लड़ा देते है इंसान को इंसान से
ऐसे देश के पहरेदार देख लो
धर्म के नाम पर आपस में कटते मरते
लोग जिम्मेदार देख लो
करके झूठे वादे आ जाते राजनीति में
नहीं होते सपने साकार देख लो
लूट खसोट मचाते दूसरों को लड़वाते
राजनीति के ठेकेदार देख लो