लोरी
प्यार को शब्दों में ढालने की
कितनी अच्छी प्यारी सी सोच
किसी के मन में आई होगी
जब माँ ने लोरी बनाई होगी
काम में व्यस्त होगी
या हाथों से अशक्त होगी
और मुनिया रो पड़ी होगी
तब लोरी से ही बहलाई होगी
या तो बच्ची बीमार होगी
चलने फिरने से लाचार होगी
अपने दुख भूल जाए थोड़ी देर
प्यार से मां ने लोरी सुनाई होगी
कुछ सपनों को हवा दी होगी
जिंदगी की कोई समझाइश होगी
बड़ा हो खो ना जाए कहीं
लोरी में बात दोहराई होगी
इसलिए माँ ने लोरी बनाई होगी