Saturday, 23 November 2024

बड़ी बात हो गई

 आदमी के लिए आदमी होना बड़ी बात हो गई

इंसानियत से जाने कब बड़ी जात पात हो गई


हैरान हो गया अपने सामने देखकर उनको

 भूला दिया था जिसे उससे मुलाकात हो गई


चल रहे थे अपने ही धुन में पगडंडियों पर 

 बदन दर्द के दर्द ने बताया कि रात हो गई


पड़े थे सूने चौराहे गलियां भी थी सुनसान 

 पता चला शहर में कोई बड़ी वारदात हो गई


वादा करके नौकरी देना भूल गई सरकार

पढ़े लिखे बेरोजगारों की खड़ी जमात हो गई