मुहब्बत का कैसा चढ़ा ये नशा है
कदम मेरा तेरी तरफ ही बढ़ा है
तेरी रूह को छू रही है नफासत
हरफ दर हरफ मैंने तुझको पढ़ा है
मिला साथ तेरा मुझे जिन्दगी में
तुझे देख दिल ये धड़कने.लगा है
इसी प्यार को याद करती रहोगी
हमारी कहानी सभी से जुदा है
चमकता रहा है सितारा हमेशा
बुलंदी से नाता पुराना रहा है
विरासत उलझती रही है हमारी
बदलता हमेशा जमाना चला है
निखरने लगी हूँ तुझे देख कर मैं
ऐ नीलम हुई जिंदगी एक नशा है
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