Tuesday, 30 November 2021

बेड़ियां

        

   
         शीर्षक-बेड़ियां

नहीं पहननी मुझको पायल
ये पायल  बेड़ियों सरीखी लगती है
जो रोक लेती है मुझे आगे बढने से
मत खरीदा करो मेरे लिए
ये लाल पीली  हरी चूड़ियाँ
ये उलझा देती है मुझे
जिन्दगी की रंगीनियों में
कुछ देना है तो दो हौसला
कर सकूँ हाथों का प्रयोग
हथियार की तरह
वक्त आने पर
भर दो मुझमें आत्मविश्वास
सामना कर सकूँ उन दरिंदों को
देखते है जो मुझे गंदी नजरों से
भर दो मेरी वाणी को ओज से
जवाब दे सकूँ उनकी गलत बातों का
जलाए रखना आशा का एक नया दीप
मेरे लिए हरदम
घिर जाऊँ जब कभी निराशापूर्ण भाव से
विश्वास मुझपर बनाए रखना
ना दाग लगने दूँगी पापा के नाम को
बस इतनी सी चाहत है मेरी
साथ देना मेरा तब भी तुम
जब  सारी दुनिया मेरे खिलाफ हो


Sunday, 14 November 2021

कयूँ किया प्यार

              कयूँ किया प्यार   

  
                          याद आए आज तुम बेशुमार
                           सोचती हूँ  कयूँ किया प्यार
याद आई बरसती बदलियाँ
फूलों पर डोलती तितलियाँ
कीचड़ में की जो अठखेलियाँ
याद आई  अबूझ पहेलियाँ
फिर आए याद वो वादे करार
                          याद आए आज तुम बेशुमार
                            सोचती हूँ कयूँ किया प्यार
याद करने को ढूँढ़ती तन्हाई
महसूस करती तेरी परछाई
आसमान में जब  बदली छाई
हरदम बस तेरी ही याद आई
फिर याद आई प्यार भरी तकरार
               याद  आए आज तुम बेशुमार
                  सोचती हूँ कयूँ किया प्यार






Tuesday, 9 November 2021

दवा बन जा

                   दवा बन जा


ले दर्द सारे किसी के लिए दवा बन जा
लेकर गम बस उसीका हमनवाँ बन जा

सुन किसी के दिल की बात शिद्दत से
प्यार से समझा  और राजदाँ बन जा

काम आ दूसरों के सोच गम की बात
देकर साथ सब  का खैरखवाह बन जा

सुन दुख किसी का बस हँसते है सब
समझ दर्द  किसी का और  दवा बन जा

मत सोच लोग क्या सोचते हैं कहते हैं क्या
कर अपने मन की और बेपरवाह बन जा

बाहर निकाल खुद को निराशा के घेरे से
जिन्दा रख बचपन और लापरवाह बन जा


हरदम मदद को हाथ बढाकर नीलम
कायम कर नई मिसाल और दास्ताँ बन जा