चांद के आकार की तरह
घटती बढ़ती इच्छाएं
कभी पूर्णमासी के चांद सी
परिपूर्ण
कभी अमावस के
चांद सी निल
कभी ढेर सारी
और कभी एक आध
जिंदगी के साथ
कदमताल करती हुई
चांद के आकार की तरह
घटती बढ़ती इच्छाएं
कभी पूर्णमासी के चांद सी
परिपूर्ण
कभी अमावस के
चांद सी निल
कभी ढेर सारी
और कभी एक आध
जिंदगी के साथ
कदमताल करती हुई
मेरे गाम का के हाल तू बुझै सै रै भाई
ऐकले पड़ रहे है इते सारे लोग लुगाई
अनपढ़ करे सै मजूरी सहर मै जाके
पढ़े लिखे नै तो ब्याज मै जमीन गवाई
पुरखिया की जमीन बंट गई आपस में
जिसके खातर करै कचहरी और लड़ाई
बीतै भर का खेत आ गया सबकै हिस्से में
कित बोवैं फसल अर किस की करै कटाई
गुजारे लायक भी फसल जद ना देंवे खेत
के करै शहर में जाकर ना करै गर कमाई
ਮੇਰੀ ਹੋਂਦ ਤੇ ਸਵਾਲ ਖੜੇ ਕੀਤੇ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ
ਮੇਰਾ ਜੀਵਨ ਮੂਹਾਲ ਕੀਤਾ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ
ਲੜ ਤੇਰੇ ਲੱਗ ਛੱਡ ਦਿੱਤੀ ਦੇਹਰੀ ਪੇਕਿਆਂ ਦੀ
ਪਰ ਸ਼ਕ ਦੇ ਘੇਰੇ 'ਚ ਰਹੀ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ
ਹਮਸਫ਼ਰ ਬੰਨ੍ਹ ਟੁਰਦੀ ਰਹੀ ਨਾਲ ਤੇਰੇ ਹਰ ਪਲ
ਜਿਉਣਾ ਛੱਡ ਜਿਊਦੀਂ ਰਹੀ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ
ਹੂਣ ਜਦੋਂ ਸੋਚ ਲਿਆ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਵੱਖ ਹੋਕੇ ਜਿਉਣ ਦਾ
ਗੱਲਾ ਕਰਨ ਲੱਗ ਪਏ ਲੋਕ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ
ਇਕ ਨਵਾਂ ਮੁਕਾਮ ਤਾਂ ਹਾਸਲ ਕਰ ਹੀ ਲਉਂਗੀ
ਛੱਡ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਹੋਨਾ ਨੀਲਮ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ ਕਦੇ ਕਿਵੇਂ
कहीं सहरा में दफन कर दे मजबूरियां
रह दिल के पास मिटा दे यह सारी दूरियां
कहने सुनने को कितना अच्छा लगता है
पर क्या आसान है छोड़नी ये दुश्वारियां
गुस्सा गिला दुख अतीत परेशानी नाकामी
जिंदगी में साथ चलती रहती है ये रवानियां
क्यूँ छोड़ इनको आगे बढ़ नहींं पाते हम
चाहे हर कदम रंग दिखाती है पशेमानियां
खुद के अंदर जिंदा रख एक मासूम बच्चा
दे इजाजत करने की उसको मनमानियाँ
नीलम नारंग