Monday, 11 December 2023

हक की बात

 आ हासन की शुरुआत करै

ना ईब कोई गम की बात करै


छोड़ अट्ठा सारे गिले शिकवे

सांझा दिल के जज्बात करै


साच में साथ देवें इक दूजे का

झूठे संग गहरा प्रतिघात करै


इक दूजे गैल मिलकर रहवा सब

पैदा इस तरिहयां के हालात करै

 

दुख में साथ निभाएं इक दूजे का

दूर दिल से धर्म जात पात करै


प्रकृति ने जद  दिया सबनै बराबर

उसके दिए का सब सत्कार करै 


सब मानस राम नै बनाए एकसै

नीलम सबके हक की बात करै