Tuesday, 27 June 2023

कलम

       कलम

मै कलम हूँ 

उतार देती हूँ भावनाएँ पन्नों पर 

निकलती हैं जो लेखक के 

मन की गहराइयों से

किसी के इश्क़ की नाकामियां

बेवफाईयां किसी आशिक की

गम की स्याही में डुबे जज़बात

किसी अपने से ही खार सी चुभती बातें

चाहत भरी ख्वाबों ख्यालों की रातें

लिख देती हूँ सबके मन के भाव 

वो प्रेम में डुबी हुई पहली मुलाकात

दिल में उठते हुए प्रणय के जज्बात

किसी को मिलने पर बढ़ना धड़कन का

किसी से बिछड़ने पर दिल के हालात

लिखने वाले की भावनाओं का हाल

मेल खा जाता है पढ़ने वाले के हाल से

मै  ही माध्यम बनती हूँ दोनों के बीच

मै ही रहती हूँ साक्षी  दोनों के दिल की

मैं कलम हूँ

बदल देती हूँ सबके तख्तोताज 

उगल देती हूँ सबके मन के राज

बहुत ताकतवर हूँ शमशीर से

मुझसे प्रभावित है कल और आज

मै कलम हूँ 

उतार देती हूँ भावनाएँ पन्नों पर 

निकलती हैं जो लेखक के 

मन की गहराइयों से

         



Sunday, 25 June 2023

मुंतज़िर

 मुंतज़िर हूँ आज भी तेरी इक आवाज का

गीत लिख लिए  कई इंतजार है साज का 

शायद इस तरह ढ़ूंढ़ पांऊ तेरे दिल में जगह

 बना सकूँ मुरीद तुझे अपने अल्फाज का 

Sunday, 18 June 2023

एक दिन

 


           एक दिन

आज तक भी कहाँ हूँ भूल पाई 

पापा संग बिताया दिन बचपन का

खूब घुमाया जीप में यहाँ वहाँ

रबड़ी, रसगुल्ला आईसक्रीम खिलाई

छोड़ कर रौब दाब हंसें खेले मुझ संग

उस दिन एक नया रूप देख पाई

मेरी मनपसंद जगह पर लेकर गए

ये देख भाई ने की  खूब लड़ाई

मै भी उस दिन अकड़ के बोली

पापा को मुझसे ज्यादा प्यार  है भाई

उलझते गए जिंदगी के झमेलों में वो

चाहकर भी फिर वैसा दिन ना बीता पाई


Thursday, 25 May 2023

अजाब

          अजाब 

ये जो‌ जिंदगी की किताब है 

इश्क़ में तो लगती लाजवाब है 

जब धोखा कर जाए आशिक 

विरह में यही लगती अजाब है

किसी रोते को हंसाते है जब 

यही जिंदगी लगती सबाब है

आशिक को मिल जाए महबूब

जिंदगी उसे बना देती नवाब है

प्यार में होता है जब भी कोई

उसे जिंदगी लगती शबाब है

बिछड़ जाए जिससे जब कोई

उसे लगती जिंदगी  खराब है

गर करते हो अपनों से बेवफाई

देना  पड़ेगा जिंदगी को जवाब है

          





Sunday, 7 May 2023

फितूर

           फितूर

जज्बा ये इश्क़ का सबको

 ना जाने क्यूँ लगता फितूर है

यहाँ हर इक है दीवाना

इश्क़ के नशे में चूर है

चाहतों पर किसका जोर है

हर कोई आशिकी में मगरूर है

प्यार इबादत का  ही रुप है

खुदा को भी इसपर गरुर है

ये तो नेमत है खुदा की 

हर एक को चाहिए जरूर है

खुशियाँ ढूँढते हैं सब इसमें 

इसी से तो जिंदगी भरपूर है 

सदियों से चली आई है प्रथा

आशिकों के किस्से मशहूर है

जज्बा ये इश्क़ का सबको

ना जाने क्यूँ लगता फितूर है


Monday, 24 April 2023

थोड़ी सी खुशी

 


         थोड़ी सी खुशी
कभी कभी निकल जाया करो यारों 
भीड़भाड़ से अलग सुनसान सी राहों पर खोजने खुद के लिए थोड़ी सी खुशी
तन्हाई  यादों संग बीता लिया करो
यारों के साथ बिताए हसीन पल
याद करके थोड़ा मुस्कुरा लिया करो
याद करना चाय की वो टपरी
  यारों संग बिताई वो हसीन शामें
याद करना वह पल पैसे के अभाव में
जब यारों के साथ सांझा की थी चाय
सच मानो वो काम करेगी टॉनिक का
बचपन की हसीन यादें और बेफिक्री
बेवजह मुस्कुराहट ला देंगी चेहरे पर
तब के बिताए सुकून भरे पल
आज के दर्द भरी जिंदगी में बहुत राहत देंगे
इसलिए यारों रह लिया करो कभी कभी
यूँ ही बेवजह यारों, यादों संग तन्हाई में
             

Thursday, 13 April 2023

ਆਈ ਵਿਸਾਖੀ

 ਵੇ ਜੱਟਾ ਆਈ ਵਿਸਾਖੀ 

ਮੂੱਕ ਗਈ ਕਣਕਾ ਦੀ ਰਾਖੀ

ਵੇ ਜੱਟਾ ਆਈ ਵਿਸਾਖੀ


ਚਲ ਚੱਲਿਏ ਹੂਣ ਮੇਲੇ ਨੂੰ

ਖੇਲਿਏ ਮਸਤੀ ਦੇ ਖੇਲੇ ਨੂੰ

ਤਕਿਏ ਸਜਦੇ ਹੋਏ ਠੇਲੇ ਨੂੰ 

ਧਕਿਏ ਅੱਗੇ ਏਸ ਰੇਲੇ ਨੂੰ

         ਆ ਬਨਿਏ ਏਸ ਮੇਲੇ ਦੇ ਸਾਖੀ 

        ਮੂੱਕ ਗਈ ਕਣਕਾ ਦੀ ਰਾਖੀ

          ਵੇ ਜੱਟਾ ਆਈ ਵਿਸਾਖੀ

ਆ ਸੁਨਿਏ ਗੱਲ ਜੋਗੀ ਤੇ ਚੇਲੇ ਦੀ 

ਆ ਦੇਖਿਏ ਲੜਾਈ ਸਾਪ ਨੇਵਲੇ ਦੀ

ਆ ਬਨਿਏ ਆਪਾ ਰੋਣਕ ਮੇਲੇ ਦੀ 

ਆ ਲਇਏ ਚੀਜ ਖਰੀਦ ਧੇਲੇ ਦੀ 

     ਆ ਬਨਿਏ ਏਸ ਮੇਲੇ ਦੇ ਸਾਖੀ       

     ਮੂੱਕ ਗਈ ਕਣਕਾ ਦੀ ਰਾਖੀ

     ਵੇ ਜੱਟਾ ਆਈ ਵਿਸਾਖੀ