अजाब
ये जो जिंदगी की किताब है
इश्क़ में तो लगती लाजवाब है
जब धोखा कर जाए आशिक
विरह में यही लगती अजाब है
किसी रोते को हंसाते है जब
यही जिंदगी लगती सबाब है
आशिक को मिल जाए महबूब
जिंदगी उसे बना देती नवाब है
प्यार में होता है जब भी कोई
उसे जिंदगी लगती शबाब है
बिछड़ जाए जिससे जब कोई
उसे लगती जिंदगी खराब है
गर करते हो अपनों से बेवफाई
देना पड़ेगा जिंदगी को जवाब है
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