थोड़ी सी खुशी
कभी कभी निकल जाया करो यारों
भीड़भाड़ से अलग सुनसान सी राहों पर खोजने खुद के लिए थोड़ी सी खुशी
तन्हाई यादों संग बीता लिया करो
यारों के साथ बिताए हसीन पल
याद करके थोड़ा मुस्कुरा लिया करो
याद करना चाय की वो टपरी
यारों संग बिताई वो हसीन शामें
याद करना वह पल पैसे के अभाव में
जब यारों के साथ सांझा की थी चाय
सच मानो वो काम करेगी टॉनिक का
बचपन की हसीन यादें और बेफिक्री
बेवजह मुस्कुराहट ला देंगी चेहरे पर
तब के बिताए सुकून भरे पल
आज के दर्द भरी जिंदगी में बहुत राहत देंगे
इसलिए यारों रह लिया करो कभी कभी
यूँ ही बेवजह यारों, यादों संग तन्हाई में
Kya baat hai
ReplyDelete