आए थे तुम जिंदगी में
लिए सुकून के कुछ लम्हे
इन थोड़े से लम्हों को जीकर
लगा जिंदगी छोटी नहीं है
जी उठे फिर से प्यार तेरा पाकर
उधड़े से रिश्तों को सीकर
थाम लिया दामन खुशियों का
जैसे कोई भौरां नाचे फूल पर
फूलों का ही रस पीकर
आए थे तुम जिंदगी में
लिए सुकून के कुछ लम्हे
इन थोड़े से लम्हों को जीकर
लगा जिंदगी छोटी नहीं है
जी उठे फिर से प्यार तेरा पाकर
उधड़े से रिश्तों को सीकर
थाम लिया दामन खुशियों का
जैसे कोई भौरां नाचे फूल पर
फूलों का ही रस पीकर
कुछ ख्वाहिशे
मेरे सीने में उठा दर्द तेरे चेहरे पर उभर आया
चाहत की शिद्दत से फिर जता भी नही पायाशब्द
शब्दों की भी अपनी अलग शान है
शब्द
शब्दों की भी अपनी अलग शान है