बात करते है
बैठ मेरे पास कुछ राज की बात करते है
ए जिन्दगी तेरे मिजाज की बात करते है
ढूँढनी चाही थी जब महक फूलों की
मिले जो खार उसकी ही बात करते है
चलना चाहा जब जाने पहचाने रास्ते पर
तेरी दिखाई अनजान डगर की बात करते है
माना रास्ता लम्बा था संघर्ष से भरा हुआ
चल छोड़ खुशी से मंजिल की बात करते है
राह में कौन मिला बिछड़ा जाने दो सब
जिसने साथ निभाया उसकी बात करते है
किसने हँसी उड़ाई किसने जख्म दिए
चल मरहम लगाने वाले की बात करते है
कयूँ रखे आँख से निकले आँसू का हिसाब
लब पर बिखरी मुस्कान की बात करते है
कुछ हसरते तो सबकी अधूरी रहती है
हम तो जो पुरी हुई उनकी बात करते है
रोने वाले को ही ओर भी रुलाती है
ये दुनिया जिसकी हम सब बात करते है
चलो भूल जाते है अतीत के दिए दर्द को
बस आज के सुख की नीलम बात करते है
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