Sunday, 3 April 2022

शब्द

                शब्द

शब्दों की भी अपनी अलग शान है
कहने को लगते निर्जीव से  है
पर शब्दों में  बड़ी जान है
कई शब्द होते है  ऐसे 
जिनमें समाया सारा जहान है
जादू से होते है कुछ शब्द
दुखी चेहरे की बनते मुस्कान है
कुछ करके अलग शब्दों का इस्तेमाल
समाज में बनाते अलग अपनी  पहचान है
कुछ शब्द होते है ऊर्जावान
जगा देते दबे हुए अरमान है
कुछ शब्दों में छिपी होती है प्रेरणा
वो देते सपनों को नई उड़ान है
शब्द ही बिठाते तख्तो ताज पर
कभी दिलाते कफन का सामान है
मिश्री सी घोलते हैं कभी कान में
कभी बजाते ना भूलने वाली तान है
शब्दों का चयन कैसे करना है
अब तो सिखाने के लिए खुल गए संस्थान है
सोच समझ कर बोला करो यारो
इन्हीं से जग में बनती हमारी पहचान है
शब्द चाहे तोड़ दो दिल ना किसी का तोड़ो
टूटे दिल को जोड़ना फिर नहीं आसान है
शब्द टूटकर नए अर्थ में बदल जाते है
नए अर्थ से रचते इतिहास  महान है
         नीलम नारंग






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