आए थे तुम जिंदगी में
लिए सुकून के कुछ लम्हे
इन थोड़े से लम्हों को जीकर
लगा जिंदगी छोटी नहीं है
जी उठे फिर से प्यार तेरा पाकर
उधड़े से रिश्तों को सीकर
थाम लिया दामन खुशियों का
जैसे कोई भौरां नाचे फूल पर
फूलों का ही रस पीकर
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