Saturday, 4 June 2022

कुछ लम्हें

 आए थे तुम जिंदगी में 

लिए सुकून के कुछ लम्हे

इन थोड़े से लम्हों को जीकर 

लगा जिंदगी छोटी नहीं है

जी उठे फिर से प्यार तेरा पाकर 

उधड़े से रिश्तों को सीकर 

थाम लिया दामन खुशियों का

जैसे कोई भौरां नाचे फूल पर 

फूलों का ही रस पीकर






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