कठिन दौर
ये कैसा कठिन दौर है आया
अपनों को अपनों से डराया
वायरस को समझ नहीं पाया
हर तरफ है खौफ का साया
रोज की भागदौड़ ने छकाया
वायरस ने घर में कैद करवाया
मजदूरों को घर से बेघर करवाया
तपती धूप में सड़को पर भगाया
माली हालत ने सबको सताया
दूरियों की जरुरत का समझाया
नियम बनाकर सबको समझाया
समझ कर भी समझ न कोई पाया
घर की जिमेदारी ने सबको भगाया
डर के साए ने भी हौसला बढाया
जीने का नया पाठ बच्चों को पढाया
अपना बचपन फिर से याद करवाया