एक नया ख्याल
एक कैंटीन पर कुछ पुरुष बैठे थेजब किसी बात पर ठहाका लगाया
सुन उनकी बिंदास बातों ने
मेरा भी कुछ कुछ माथा ठनकाया
बैठे बैठे यूँ ही फिर एक ख्याल आया
और उस ख्याल पर जब गौर फरमाया
फिर मैनें भी एक कहकहा लगाया
खुश होकर ख्याल सहेलियों को सुनाया
सुन मेरी बात उन्होंने मुझे गले लगाया
मैनें भी अपने समय से थोड़ा समय चुराया
मनपसंद जगह पर एक ढाबा खुलवाया
उसे मनपसंद सुन्दर से रंगों से सजाया
ओनली फार लेडीज का बोर्ड लटकाया
इसमें आकर बैठना मनपसंद बातें करना
अपना भी हक है ये लेडिज को समझाया
आओ जो तन्हा है मेरी ही तरह
या घर बैठे जिनका है मन उकताया
परेशान हो गई है घर की समस्याओं से
इस जगह को मायका समझने के लिए उकसाया
बात करो बीते बचपन की रीती जवानी की
बेरूखी पति की या जिसके प्यार ने तुम्हें रिझाया
सांझे करो दुख सुख खुशनुमा बातें जिन्दगी की
उन भाई बहनों की जिनसे दिल से प्यार है पाया
नहीं मिलेगा यहाँ धोखा ना ही ताना देने वाला
नहीं मिलेंगे वो बाबा जिन्होनें झूठा स्वांग रचाया
आ जाओ हमें भी हक है खुश रहने का
आशीर्वाद दें हमें बड़ों ने यही समझाया
मेरा अनोखा प्रस्ताव सुन दिया समर्थन
मन ही मन मेरी सहेलियों का चित हरषाया
शंका है फलीभूत होगा या नहीं
पर नीलम के ख्याल पर सबका मन भरमाया
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