Tuesday, 15 June 2021

कोई तहखाना है

 


कोई तहखाना है

आए है खाली हाथ खाली हाथ जाना है
ना कफन की जेब ना कोई तहखाना है

फिर भी लूटने पर लगा दौलत दूसरों की
नहीं देना उनको जिन्हें पसीना बहाना है

बदकिस्मती साथ रहती है कुछ लोगों के
मेहनत पर भी  नहीं मिलता मेहनताना है

जी चुराते रहते है जो लोग काम से हमेशा
ना कोई रहम है उनपर ना तरस खाना है

जोड़ते है पाई पाई बच्चों को देने के लिए
खुद भूखे रहने की परम्परा को ढहाना है

खून चूस गरीबों का खड़े कर लेते है महल
किसलिए और क्या जमाने को दिखाना है

नहीं रह गई  है कीमत ईमानदारी की जग में
झूठ कहते है सब बेईमान का ही जमाना है

झूठी दौलत नहीं बस खुशियों की आस रखो
एक दूसरे की मदद की आदत को अपनाना है

छोड़ दो मोह दौलत का रास्ते भ्रष्टाचार के
ये ऐसी दौलत है जिसने सब गलत कराना है

ला सके तो लाओ मुस्कुराहट किसी के चेहरे पर
नीलम जग में आए है तो बस प्यार निभाना है










No comments:

Post a Comment