Sunday, 7 April 2024

दूरियाँ

 

कहीं सहरा में दफन कर दे मजबूरियां
रह दिल के पास मिटा दे यह सारी दूरियां

कहने सुनने को कितना अच्छा लगता है
पर क्या आसान है छोड़नी ये दुश्वारियां

गुस्सा गिला दुख अतीत परेशानी नाकामी
जिंदगी में साथ चलती रहती है ये रवानियां

क्यूँ छोड़ इनको आगे बढ़ नहींं पाते हम
चाहे हर कदम रंग दिखाती है पशेमानियां

खुद के अंदर जिंदा रख एक मासूम बच्चा
दे इजाजत करने की उसको  मनमानियाँ
        नीलम नारंग

Sunday, 24 March 2024

तेरे आने के बाद

       तेरे आने के बाद

कुछ सुकून सा मिला तेरे आने के बाद 

जिंदगी अपनी सी लगी तेरे आने के बाद


बेवजह भटक रही थी अनजान राहों पर

जीने की  वजह मिली  तेरे आने के बाद 


जिन खुशियों ने मुंह मोड़ लिया था मुझसे 

गमों को परे हटाने लगी हैं  तेरेआने के बाद 


वक़्त से पहले बूढ़ी हो गई थी जो मैं

जवान समझने लगी  हूँ तेरे आने के बाद 


चल  फिर से दोनों एक नई दुनिया बसाएं

हर तरफ बहार नजर आई तेरे आने के बाद 


Saturday, 16 March 2024

इश्क़

 इश्क़ तो ऐसी अनकही सी दास्ताँ है

हो जाए जिससे रहता उसी से वास्ता है

भूलना चाहने पर भी भूल नही सकता

बन जाता वही मंजिल और रास्ता है


Friday, 15 March 2024

ख्याल

 ख्यालों में रहता जिनका ख्याल है 

वह हरदम  ही पूछता एक सवाल है

तुम क्यूँ ना बन सकी  मेरी हमसफ़र

उम्र गुजर गई रहा अब तक मलाल है 


    

Saturday, 9 March 2024

जुगनू

 एक जुगनू जो अंधेरे को चीर कर मेरे पास से गुजर गया

मैं भी दुख को वहीं छोड़ उसके पीछे ही निकल गया

नसीहत दे मुझे उम्र भर के लिए वो अंधेरे को चीरता चला गया


उसके दिए हौसले से  मैं भी जिंदगी को जीतता चला गया


Thursday, 7 March 2024

साथ में

 चिंगारी तेरे प्यार की अभी भी 

दबी हुई है दिल की राख में

मत हवा दो भड़क जाएगी

मिटा देगी सब कुछ खाक में

बहुत याद आते हो आज भी

तकिया हो जाता है नम रात में

अच्छा है भूल जाएं  अतीत को

सुखे पत्ते कभी जुड़े हैं शाख में

मस्ती मनमर्जी जो की थी कभी

काश अब भी करें फिर साथ में




Friday, 1 March 2024

फूल

 

जो मिला नहीं उसका गिला नही
लंबा चलना यह सिलसिला नहीं
महत्व है उस फूल का भी अपना
परिस्थितिवश जो कभी खिला नहींं