कहीं सहरा में दफन कर दे मजबूरियां
रह दिल के पास मिटा दे यह सारी दूरियां
कहने सुनने को कितना अच्छा लगता है
पर क्या आसान है छोड़नी ये दुश्वारियां
गुस्सा गिला दुख अतीत परेशानी नाकामी
जिंदगी में साथ चलती रहती है ये रवानियां
क्यूँ छोड़ इनको आगे बढ़ नहींं पाते हम
चाहे हर कदम रंग दिखाती है पशेमानियां
खुद के अंदर जिंदा रख एक मासूम बच्चा
दे इजाजत करने की उसको मनमानियाँ
नीलम नारंग
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