Saturday, 9 March 2024

जुगनू

 एक जुगनू जो अंधेरे को चीर कर मेरे पास से गुजर गया

मैं भी दुख को वहीं छोड़ उसके पीछे ही निकल गया

नसीहत दे मुझे उम्र भर के लिए वो अंधेरे को चीरता चला गया


उसके दिए हौसले से  मैं भी जिंदगी को जीतता चला गया


Thursday, 7 March 2024

साथ में

 चिंगारी तेरे प्यार की अभी भी 

दबी हुई है दिल की राख में

मत हवा दो भड़क जाएगी

मिटा देगी सब कुछ खाक में

बहुत याद आते हो आज भी

तकिया हो जाता है नम रात में

अच्छा है भूल जाएं  अतीत को

सुखे पत्ते कभी जुड़े हैं शाख में

मस्ती मनमर्जी जो की थी कभी

काश अब भी करें फिर साथ में




Friday, 1 March 2024

फूल

 

जो मिला नहीं उसका गिला नही
लंबा चलना यह सिलसिला नहीं
महत्व है उस फूल का भी अपना
परिस्थितिवश जो कभी खिला नहींं

Sunday, 25 February 2024

मिल

 तेरे नाम से जो धड़कने लगा है दिल

अब तो लगे ना मन कहीं आकर मिल

वही धूंधली सी शाम और तेरा साथ हो

वक़्त के दिए जख्मों को आकर सिल 




Wednesday, 21 February 2024

सुख

 सुख नहींं ठहरे तो दुख की बिसात क्या

गिरा दें मनोबल ऐसी इनकी औकात क्या

जैसा जीवन मिला है उसी में मुस्कुराना 

रब की रजा में रहना नहींं है सौगात क्या


Monday, 19 February 2024

बात

 जो बात दिल में रह गई

वो बात आंख कह गई

किया इंतजार रहबर तेरा

फिर रात विरह में ढह गई

शब भर गीला रहा तकिया

यूँ   रात में सिसकी  बह गई


Saturday, 3 February 2024

पानी

 दिनभर धूप में अठखेलियाँ करता रहा

समंदर की लहरों से बहता हुआ पानी

रात को चाॅंद की मद्दम सी रोशनी में

किसकी याद में दिखा खोया हुआ पानी