Monday, 19 February 2024

बात

 जो बात दिल में रह गई

वो बात आंख कह गई

किया इंतजार रहबर तेरा

फिर रात विरह में ढह गई

शब भर गीला रहा तकिया

यूँ   रात में सिसकी  बह गई


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