Wednesday, 21 February 2024

सुख

 सुख नहींं ठहरे तो दुख की बिसात क्या

गिरा दें मनोबल ऐसी इनकी औकात क्या

जैसा जीवन मिला है उसी में मुस्कुराना 

रब की रजा में रहना नहींं है सौगात क्या


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