बेवफा
जब भी दोस्त मिला बेवफा मिलाप्यार की जगह धोखा हर दफा मिला
जब भी चाहतों का जिक्र करना चाहा
कोरी किताब सा खाली हर सफा मिला
सुनाने जो निकले मन की बातें दूसरों को
सुनकर दास्तान हर शख्स ही खफा मिला
बाजार बना दाम लगा लेते है रिश्तों का
सोचते है कितना नुकसान या नफा मिला
कयूँ गायब है मुस्कान हर इक के चेहरे से
जिससे भी पूछा वह खुद से कफा मिला
गैरों की बात को तो जाने ही दो जानिब
जब भी मिला बस अपनों से ही जफा मिला
निकल पड़ा करो कभी ढ़ूढने पुराने दिनों को
यही वो जगह है जहाँ दोस्तों से शिफा मिला
होते है कुछ खुशनसीब लोग दुनिया में ऐसे
नीलम जिनको वफा के बदले वफा मिला
कफा __ पीड़ित
जफा ___ अत्याचार