Monday, 29 March 2021

कुछ लम्हे खुशी के

 कुछ लम्हे खुशी के 


रूठ कर यूँ ना जाया कीजिए 

कभी प्यार से मनाया कीजिए 


जिन्दगी के कैसे रूप है नित नए 

कभी धूप तो कभी छाया कीजिए 


कुछ लम्हों की बची है जिन्दगी 

यूँ ना बहस में इसे गवाया कीजिए 


दूसरों के चेहरे पर देख सुकून 

अपने मन को ना जलाया कीजिए 


दूसरों के चेहरे पर मुस्कान ला 

खुद के दिल में सुकून पाया कीजिए 


गुजार लो कुछ लम्हें खुशी के भी 

बैठ दोस्तों के साथ खाया कीजिए 


बहुत ही खूबसूरत प्यारी है जिंदगी 

गैर जरूरी बातों में ना जाया कीजिए 


बहुत ही हसीन एहसास है ये प्यार का 

इस एहसास को सीने से लगाया कीजिए 


जरूरत नहीं होती शब्दों मे कहने की 

ज़बां से नहीं आंखों से ही बताया कीजिए 


अपने ही है सब आस पास चाहने वाले 

नीलम यूँ ना किसी को पराया कीजिए 


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