Saturday, 29 March 2025

14 गज़ल

 

14 गज़ल
2212     2      212         2212   

 
1.यादों में वीरों को बसाया जाए अब
इति हास बच्चों को बताया जाए अब


2. माटी गए मिल जो बचाने देश को
  सिर ताज उनके भी  सजाया जाए अब


3 नारा भगत का भर दे  सब में जोश ये
ऐसा चलन  कोई  चलाया जाए अब


4 विस्मृत हुये वे सब लड़े दुश्मन से जो
कुछ नाम उन का दोहराया जाए अब


5.फांसी का फंदा चूम जो कुर्बां हुए
टीका शहादत का लगाया जाए अब


6.हर दम ही वंदे मातरम का गीत ये
मस्ती में माँ की गुनगुनाया जाए अब



7.भारत नही कमजोर हस्ती मिट सके
जज्बा युवाओं में जगाया जाए अब

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