Tuesday, 25 February 2025

10. गज़ल



 10. गज़ल


122  122    122    122    

                      


1.रुलाने से अच्छा खफा  छोड़ जाते
तसल्ली तो होती वफा छोड़ जाते


2. तुझे देखती दूर तक अलविदा कह
मुड़े जो गली से हया छोड़ जाते


3. हमेशा मुझी से शिकायत की तुमने
    जुदाई से पहले खुशी छोड़ जाते


4.ये दीपावली रोशनी का है उत्सव
खुशी के लिए एक दिया छोड़ जाते


5.पुराने जमाने से अच्छा समा है
कहानी में फिर कुछ नया छोड़ जाते


6. किया इश्क़ चाहा दिलोजान से यूँ
निभाते नहीं तो जहाँ छोड़ जाते

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