Sunday, 28 April 2024

इच्छाएँ

 

चांद के आकार की तरह
घटती बढ़ती इच्छाएं
कभी पूर्णमासी के चांद सी
परिपूर्ण
कभी अमावस के
चांद सी  निल
कभी ढेर सारी
और कभी एक आध
जिंदगी के साथ
कदमताल करती हुई

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