Thursday, 18 April 2024

हाल मेरे गाम का

 

मेरे गाम का के हाल तू बुझै सै रै भाई
ऐकले पड़ रहे है इते सारे  लोग लुगाई

अनपढ़ करे सै मजूरी सहर मै जाके
पढ़े लिखे नै तो  ब्याज मै जमीन गवाई

पुरखिया की जमीन  बंट गई आपस में
जिसके खातर करै कचहरी और लड़ाई

बीतै भर का खेत आ गया सबकै हिस्से में
कित बोवैं फसल अर किस की करै कटाई

गुजारे लायक भी फसल जद ना देंवे खेत
के करै शहर में जाकर ना करै गर कमाई

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