Sunday, 22 January 2023

सार यही है

         सार यही है

जिंदगी तेरा सार यही है

तुझसे हमेशा रार रही है


 तमन्ना तो फूलों की थी

तुझसे मिले वो खार सही है


जीत ली थी तुझसे जंग मैनें

जब सब कहते थे हार रही है 


पकड़ा दामन तो छोड़ा नहीं

चाहे अब सब कुछ वार रही है


गहरे समुद्र में उतर के देखा है

क्यूँ लगता जिंदगी थार रही है 


क्यूँ उलझनों के बाद लगता है

परेशानियां दिन चार रही है


किसलिए होती है उदास नीलम

जब खुशियाँ ठाठे मार रही है

      


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