खेतां मै काम किया सारी हान
पर पाया ना कदै बी कोई मान
घर मै सबतै लड़कै दिया होसला
छोरिया नै थामों जीवन की कमान
दिन रात मेहनत कर मिट्टी मै मिट्टी हो
हमनै तो बनाई थी वा ठाढी पहलवान
अखाड़े मै लड़ी उनां नै दोहरी लड़ाई
लड़न खातर भी करवाई माटी बिरान
खुश होंदे रहे कसरत करदे देखके
ढोल पीटया जद ले के आई सम्मान
बाहर भी लड़ी अर घर के भीतर भी
इन छोरियां कै होसल्यां नै किया हैरान
करडी सजा मिलनी चाहिए उनां नै
अर मिलै छोरियां नै एक नया जहान
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