Monday, 29 March 2021

कुछ लम्हे खुशी के

 कुछ लम्हे खुशी के 


रूठ कर यूँ ना जाया कीजिए 

कभी प्यार से मनाया कीजिए 


जिन्दगी के कैसे रूप है नित नए 

कभी धूप तो कभी छाया कीजिए 


कुछ लम्हों की बची है जिन्दगी 

यूँ ना बहस में इसे गवाया कीजिए 


दूसरों के चेहरे पर देख सुकून 

अपने मन को ना जलाया कीजिए 


दूसरों के चेहरे पर मुस्कान ला 

खुद के दिल में सुकून पाया कीजिए 


गुजार लो कुछ लम्हें खुशी के भी 

बैठ दोस्तों के साथ खाया कीजिए 


बहुत ही खूबसूरत प्यारी है जिंदगी 

गैर जरूरी बातों में ना जाया कीजिए 


बहुत ही हसीन एहसास है ये प्यार का 

इस एहसास को सीने से लगाया कीजिए 


जरूरत नहीं होती शब्दों मे कहने की 

ज़बां से नहीं आंखों से ही बताया कीजिए 


अपने ही है सब आस पास चाहने वाले 

नीलम यूँ ना किसी को पराया कीजिए 


Saturday, 20 March 2021

निभाओगी कैसे

 निभाओगी कैसे


मोहब्बत है मुझसे ये बताओगी कैसे
मिलोगी जब मुझसे जताओगी कैसे

चेहरा तो छुपा लोगी मास्क से
आँखों की चमक छुपाओगी कैसे

इस तरह डरोगी जमाने से तो
फिर मोहब्बत को निभाओगी कैसे

जंग है ये तो अब लड़नी ही पड़ेगी
हार कर खुद को जिताओगी कैसे

परम्पराओं को बेड़ियाँ समझोगी तो
काटने का हौसला इन्हें लाओगी कैसे

चल पड़ी हो जो साथ मेरे बन हमदम
बीच राह में छोड़ मुझे जाओगी कैसे

यूँ हारकर छोड़ हौसला बैठ जाओगी तो
जमाने को अपनी दास्तान सुनाओगी कैसे

कुचल दोगी हसीन एहसास को यूँ ही तो
प्यार की इस क्यारी को खिलाओगी कैसे

कैसे करते है प्यार खुद को खुद से ही
नीलम ये ज़माने को दिखाओगी कैसे










Saturday, 6 March 2021

हाले दिल सुनाने आएँगे

हाले-दिल सुनाने आयेंगे सुन फ़रियाद ख्वाब सुहाने आएंगें साथ कभी हमारे भी ज़माने आएंगें कब से रूठ कर बैठे है उनसे इंतजार है वो कब मनाने आएंगें प्यार की राह है हर राह से जुदा दिल से दिल की राह बताने आयेंगें प्यार क्या है कब कैसे होता है कोई पूछे तो कैसे समझाने आयेंगें रूठना भी एक अदा है प्यार की इश्क ऐसे ही तुझ से जताने आयेंगें ऐसे ही रहना दिल के करीब सदा फिर कभी हाले दिल सुनाने आयेंगें साथ गुजारे थे फुर्सत के दिन जो मिल बैठ फिर याद दिलाने आयेंगें क्या हुआ जो आज है तन्हाई में संग तुम्हारे महफ़िल सजाने आयेंगें ठहर गयी है जो कश्ती जीवन की चीर लहरों को पार लगाने आयेंगें क्यूँ थामा है दामन उदासी का कभी तो नीलम दिन पुराने आयेंगें

Wednesday, 10 February 2021

याद नही करते

याद नहीं करते 

 कसकते से उन लम्हों को याद नहीं करते 
फिर ना मिलने की भी फरियाद नहीं करते 

 जानती हूँ माहिर हो शब्दों की जादूगरी में 
 वो प्यार भरे शब्द भी अब शाद नही करते 

 गुमनाम हो जाते है जो वक्त की आँधी में 
 पुकारने पर फिर वो कोई नाद नही करते 

 एक बार चले जो गए मझधार में छोड़कर 
 मनाने की कोशिश पर भी दाद नही करते

 छोड़ दिया है बीते वक्त को सपने की तरह
 छूटी हुई गलियों पर फिर नासाद नहीं करते 

 समय का चक्र जैसे भी बीता बीत गया 
वक्त बीते हुए वक्त पर यूँ वक्त बरबाद नहीं करते 

 मिल रही है थाह वक्त की मजबूरियों की 
 पर अब बीते वक्त पर कभी वाद नही करते

Monday, 1 February 2021

लाचार किया है

 लाचार किया है


कब मैंने अपनी चाहतों का इजहार किया है
फिर क्यूँ तुमने रुसवा सरे बाजार किया है

जुदा कर ली थी राहें अपनी बरसों पहले
फिर किस रिश्ते से अपना हकदार किया है

आरजू तो कभी रखी ही नहीं थी फूलों की
फिर तेरे लिए क्यूँ जिन्दगी को खार किया है

प्यार एक अहसास है जो दिल से बाबसतां है
कब किसने इसे जबरदस्ती स्वीकार किया है

माना तुमने इजहार कर दिया मोहब्बत का
जरूरी तो नहीं मैनें तुझसे ही प्यार किया है

दफन रहने दो सीने में इस इकतरफा प्यार को
कयूँ मानने पर इसे इतना मुझे लाचार किया है

जी लो दो दिन हँसी खुशी से जो मिला है
अपने लिए कयूँ दूसरों को खाकसार किया है

कुछ हासिल नहीं होगा झूठी हमदर्दी से
नीलम किसलिए इज्जत को तार तार किया 

Monday, 11 January 2021

खामोश सदाएँ

 खामोश सदाएँ 


बारहा आती हुई खामोश सदाओं को
यूँ कभी सबके साथ जताया नहीं करते

सीखा है खुश रहना हर हाल जिन्दगी में
अपनी परेशानियां यूँ बताया नहीं करते

क्या हुआ गम है तन्हाई है पीड़ा है
रब की नेमत को ठुकराया नहीं करते

जी लो बसा कर मीठी यादों को दिल में
वक्त ने जो दिया है उसे गवाया नहीं करते

जब चल ही पड़े है अंजान राहों पर
राह की मुश्किलों से यूँ घबराया नहीं करते

राह पर मिलेंगे लोग तुम पर हँसने वाले
डर से पगडंडी को रास्ता बनाया नहीं करते

यकीन रख खुद की हाथों की लकीरों पर
मेहनत छोड़ किस्मत को आज़माया नहीं करते

कदर नहीं जिनको आपकी उनके लिए
अपने हुनर को दाँव पर लगाया नहीं करते

खोने को कुछ नहीं चंद बेड़ियों के सिवा
वक्त अपना यूँ दूसरों पर जाया नहीं करते

उठ चल आगे बढ़ मंजिल को पाने के लिए
दूसरों की बातों में नीलम यूँ आया नहीं करते 

Tuesday, 1 December 2020

तेरी मेरी परछाई

 तेरी मेरी परछाई 


खवाबों में कुछ खयाल बुने जिसमें
शामिल थे मै और मेरी तन्हाई
आधे अधूरे से उन खवाबों में जाने
क्यू नजर आई तेरी मेरी परछाई

ढूँढने लगी दिन वो अतीत के
जिसने पींग प्यार की डलवाई
बन हमसफर साथ तेरे चली मै
अपने आप से ही मै सकुचाई

दिन थे हसीन चारों तरफ बहार
उतर गई ओढनी और मै शरमाई
दोनों हाथों में थाम चुननर देखा
मिली नजरें जैसे ही चली पुरवाई

दिल ने बात की बढ गई धड़कने
डर गई हो ना जाए जगहसांई
सिमट गई अपने आप में ही
बैठ गया दिल हो ना जाए रुसवाई

थाम हाथों में हाथ पाई दहलीज नई
मिला साथ तेरा मिली मंजिल नई
नए गीत नए रिश्ते हर बात नई
तेरे मेरे मन में बज रही थी शहनाई