Tuesday, 2 September 2025

20 गज़ल

 



 ये दोस्ती रहेगी यही तय हुआ था
बिछड़ना नही अब यही तय हुआ था



दिखे रंग कोई भी हम खुश रहें गे
लियाक़त रखेंगे यही तय हुआ था

.युवाओं   नशा छोड़ दो साथ  हम हैं
दिखाना है जज्बा  यही तय हुआ था

फरिश्ता नहीं अब बनाना किसी को
मसीहा बनेंगे  यही तय हुआ था

भटकना  जरुरी है क्या राह से यूँ
नई राह खोजें यही तय हुआ था

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