झीगूंर
रात के सन्नाटे को चीरती
झींगूरों की आवाज
अंधेरे में रोशनी बिखेरते
टिमटिमाते घुमते जुगनू
ऐसा प्रतीत होता है
मानो रास्ता दिखा रहे हो
अकेले चलने वाले राहगीर को
यह एहसास करवा रहे हो
कि तुम अकेले नहीं हो इस राह में
हम भी तुम्हारे साथ है
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