खुद के लिए थोड़ा सा सूकून ढ़ूंढ़
जीने के लिए थोड़ा सा जूनून ढ़ूंढ़
इतना भी मुश्किल नही है खुश रहना
बस अपने जैसे दोस्तों का हुजूम ढ़ूंढ़
निकल जा कभी अनछुई सी जगह पर
देवदार के घने पेड़ों के बीच सुरूर ढ़ूंढ़
वक़्त में खो जाता है प्यार अकसर ही
खुद में जिंदा रखने के लिए वो नुपूर ढ़ूंढ़
जो चला गया उसे दुआ दे खुश रहने की
खुद को खुश रखने के लिए नया तुरूप ढ़ूंढ़
समंदर की लहरों में बैठ शांति से दो घड़ी
प्यार को याद कर क्षितिज का सुदूर ढ़ूंढ़
खोए हुए वक़्त की याद में ना बरबाद कर
खुद की खुशी के लिए नीलम हुज़ूर ढ़ूंढ़
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