तेरे जाने के बाद याद आई बातें तेरी
वह हसीन मंजर और मुलाकातें तेरी
खुश रखने का अलग वो अंदाज तेरा
रुठ जाने पर नएअंदाज से मनाना तेरा
आशिकी आंखों की और चाहतें तेरी
बिखरी हुई सी जिंदगी को समेटना तेरा
छोटी छोटी खुशियों को सहेजना तेरा
कैसे भूल सकती हूँ दी वो राहतें तेरी
बहुत कम समय मेरे साथ रहना तेरा
खामोश लबों से बहुत कुछ कहना तेरा
याद आती हैं आंखों की शरारतें तेरी
तेरे जाने के बाद याद आई बातें तेरी
वह हसीन मंजर और मुलाकातें तेरी
No comments:
Post a Comment