Friday, 6 November 2020

चुनाव

                                  चुनाव 


           चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
           लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
मंजर से बदलने लगे हैं
कुछ लोग निखारने लगे हैं
सीधे मुँह बात ना करने वाले
सहानुभूति सी जताने लगे है
             चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
              लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
नए सब्जबाग दिखाने लगे हैं
पलकों पर सपने सजाने लगे हैं
गरीबों का हक मारने वाले
गरीबी हटाने की बात कराने लगे हैं
                         चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
                       लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
खोलने लूट के खजाने लगे हैं
अपराध का ग्राफ बढ़ाने लगे हैं
शायद जीत मिल जाए ऐसे ही
होड़ में गुंडागर्दी दिखाने लगे हैं
                           चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
                           लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं 
बात करते हैं आधी आबादी के हक की 
टिकट माँगने पर आँखे दिखाने लगे हैं
ढहाते  हैं जुल्म औरतों पर गाहे बगाहे
अब आबरू बचाने की बात करवाने लगे हैं
         चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं 
         लगता है फिर चुनाव करवाने  लगे हैं 




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