चुनाव
चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
मंजर से बदलने लगे हैं
कुछ लोग निखारने लगे हैं
सीधे मुँह बात ना करने वाले
सहानुभूति सी जताने लगे है
चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
नए सब्जबाग दिखाने लगे हैं
पलकों पर सपने सजाने लगे हैं
गरीबों का हक मारने वाले
गरीबी हटाने की बात कराने लगे हैं
चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
खोलने लूट के खजाने लगे हैं
अपराध का ग्राफ बढ़ाने लगे हैं
शायद जीत मिल जाए ऐसे ही
होड़ में गुंडागर्दी दिखाने लगे हैं
चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
बात करते हैं आधी आबादी के हक की
टिकट माँगने पर आँखे दिखाने लगे हैं
ढहाते हैं जुल्म औरतों पर गाहे बगाहे
अब आबरू बचाने की बात करवाने लगे हैं
चेहरे पर नया नकाब लगाने लगे हैं
लगता है फिर चुनाव करवाने लगे हैं
Very true
ReplyDeleteThanks dear ❤
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