मेरा हाल
कुछ सोचा क्या होगा मेरा हाल
बेघर हूँ रहता हूँ सड़को पर दिन रात
इसलिए सबसे पूछता हूँ ये सवाल
बंद है सब क्या खाऊंगा रहूँगा कहाँ
कुछ तो बताओ जिससे बदले मेरी चाल
कोई करे मेरे भी खाने का इंतजाम
इस तरह से मै भी लूँ पेट पाल
मजदूरी नहीं काम नहीं पैसा नहीं
नहीं है मेरा पास कोई असबाब माल
बचाना चाहता हूँ मैभी देश को
मुझे भी रखना है दूसरों का ख्याल
मेरी खुशकिस्मत होगी काम आऊ मै
करना न चाहूँ देश का बांका बाल
कहो या सोचो मेरे बारे में भी
इस तरह हो जाऊ मै निहाल
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