कारवाँ बना
उग आये हैं रास्ते में जंगल तो क्या
बढ़ पगडंडी पर अपना नया रास्ता बना
तेरे दिखाए रास्ते पर चलें दूसरे
आगे बढ़ और एक नई मिसाल बना
तेरी राह रोशन करे राह दूसरे की
ना बुझने वाला ऐसा कोई दीपक जला
राह में रोड़े मिलेंगे बिखरे हुए
उन्हीं को चुनकर अपना रास्ता सज़ा
चल निकला है जो नए रास्ते पर
आने वाली अड़चनों को अपनी ताकत बना
जग में नाम उनका ही रहा है रोशन
चले अकेले जो दुखों को साथी बना
देखना पूरे हो जाएंगे सपने एक दिन
चल अकेला और पीछे लोगों का कारवां बना
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