Friday, 4 March 2022

जंग

                  जंग

जंग पर भेजने से पहले हर माँ रोई होगी
फिर  रोक आसूँ देख उसे मुसकाई होगी

हर हाल दुश्मन को फतह करके ही आना
मन ही मन होंठों पर यही दुआ लाई होगी

घर पहुंच जाए मेरा लाडला सही सलामत
उस पार भी है एक माँ सोच घबराई होगी

माँ तो माँ  है  इस पार की हो  या उस पार  
सलामती की दुआ उसके होठों पर आई होगी

युद्ध अपने आप में सबसे बड़ा मसला है
युद्ध से मसले हल करने में  सिर्फ बुराई  होगी

युद्ध से सबको सिर्फ तबाही मिलती है
आम जनता ने बार बार ही की ये दुहाई होगी

बेटा इस पार का मरे या मरे उसपार का
आँख तो बस हर औरत की भर आई होगी

अमन शांति भाईचारा  बना रहे सब ओर
नीलम के मन में बस यही दुआ आई होगी
                      

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