जंग
जंग पर भेजने से पहले हर माँ रोई होगीफिर रोक आसूँ देख उसे मुसकाई होगी
हर हाल दुश्मन को फतह करके ही आना
मन ही मन होंठों पर यही दुआ लाई होगी
घर पहुंच जाए मेरा लाडला सही सलामत
उस पार भी है एक माँ सोच घबराई होगी
माँ तो माँ है इस पार की हो या उस पार
सलामती की दुआ उसके होठों पर आई होगी
युद्ध अपने आप में सबसे बड़ा मसला है
युद्ध से मसले हल करने में सिर्फ बुराई होगी
युद्ध से सबको सिर्फ तबाही मिलती है
आम जनता ने बार बार ही की ये दुहाई होगी
बेटा इस पार का मरे या मरे उसपार का
आँख तो बस हर औरत की भर आई होगी
अमन शांति भाईचारा बना रहे सब ओर
नीलम के मन में बस यही दुआ आई होगी
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