जब झूले में था तब से लगा सपने दिखाने
लाडला मेरा चला आज दुल्हन को लानेकभी छुपता था पेड़ों के पीछे
नन्हें पाँव से दौड़ता था छाँव में
लुका छिपी खेलता था साथ मेरे
मरहम लगा भरता था घाव मेरे
अब बड़ा हो लगा प्यार से समझाने
लाडला मेरा चला आज दुल्हन को लाने
देख तेरे चेहरे पर सेहरा सजा
मिट गई मेरे जीवन की कजा
प्यार से चूम लूँ माथा तेरा
अब आए तुझे जीने का मजा
मेरी दुआओं से चला नया संसार बसाने
लाडला मेरा चला आज दुल्हन को लाने
सच हो सपने तेरे सब सुहाने
आग में तपकर हुआ है कुन्दन
महके तेरा जीवन जैसे चंदन
प्यार से महकता रहे ये बंधन
मन लगा तेरे लिए नित नए सपने सजाने
लाडला मेरा चला आज दुल्हन को लाने
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