Friday, 27 September 2019

वक़्त

वक़्त ने किस मोड़ पर ला खड़ा किया है
सामने जिंदगी खड़ी  है
उसको देखकर मुस्कुरा तो सकती हूँ
गले नहीं लगा सकती
जिसको गले लगाया है
उसके साथ मुस्कुरा नहीं सकती
ये कैसी बेबसी है
जिसके साथ हूँ
उससे खुश नहीं हूँ
फिर भी उसके साथ रहना है
मजेदार बात ये है कि
 खुश भी रहना है 

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