बहुत दिनों से सुबह सैर पर जाने की सोच रही थी | आज रविवार था और नींद भी जल्दी खुल गई तो सोचा सैर ही कर ली जाए| बड़े मन से और खुश होकर सैर के लिये घर से निकली | अभी कुछ दूर ही गई थी पड़ोस के एक घर से मोटर चलने और पानी की टंकी से पानी गिरने की आवाज आ रही थी | मै पानी की बर्बादी न देख सकी और मैने घेर की डोरबल बजा दी | काफी देर बाद एक आंटी ने दरवाजा खोला जब मैने उन्हें पानी गिरने और मोटर बंद करने को कहा तो उन्होंने बुरा सा मुहँ बनाया और मोटर बंद कर दी | लेकिन यह क्या बहुत से घरों से ऐसे ही पानी बह रहा था| मेरा सैर करने का सारा मूड ही खराब हो गया और मै सोचने लगी लोग पानी की इतनी बर्बादी क्यों करते है | माना बड़े बड़े घरों में ज्यादा हॉर्स पावर की मोटर लगी हुई है इसका ये मतलब तो नहीं कि पानी को इस तरह बर्बाद करे
Saturday, 17 August 2019
Saturday, 12 August 2017
Sunday, 13 September 2015
रचनाएँ
कुछ रचनायें रचो
सुखद भविष्य की
कुछ कल्पनायें करो
हंसी ख्वाबों की
चित्र बनाओ चित्रण करो
सुन्दर जीवन रूपी रंगोली का
आओ रंग बिखेरो
जीवन में रंगीं बहारों के
आज बाद मुद्दत
दस्तक दी है ख़ुशी ने
सुखद भविष्य की
कुछ कल्पनायें करो
हंसी ख्वाबों की
चित्र बनाओ चित्रण करो
सुन्दर जीवन रूपी रंगोली का
आओ रंग बिखेरो
जीवन में रंगीं बहारों के
आज बाद मुद्दत
दस्तक दी है ख़ुशी ने
Saturday, 12 September 2015
शिक्षिका
उठ ए शिक्षिका
कि तेरे करणधारों को तेरी ज़रूरत है ।
उठ तेरे नौनिहालों का भविष्य
तेरे वर्तमान पर निर्भर है ।
उठो , कि तुम उठा सको सोए हुए समाज को
उठ कि उनको बता सको
अपनी महान सभ्यता संस्कृति की बात
उठो कि तुम्हारे उठने से देश उठेगा
उठो कयोंकि तुम्हारे उठने से ही रुकेगी
भ्रूण हत्या ,दहेज हत्या, बलात्कार और शोषण ।
साम्प्रदायकिता की धधकती आग को
जलते हुए पंजाब ,गुजरात को
बचा सकती हो सिर्फ तुम
तुम ही सक्षम हो, तुम ही आधार हो
इस धरा की इस प्रकृति की ।
तुम ही रचना हो ,तुम ही रचनाकार हो
तुम ही वो कुम्हार हो जिसने रचना है
देश के युवा को
तुम ही बचा सकती हो
उन्हें आंतकवादी बनने से
तुम ही बना सकती हो उन्हें
धैर्यवान ,ऊर्जावान जागरूक इंसान
लिंगभेद न हो ,न हो जाति धर्म में भेद ।
सब हो इंसान सिर्फ इंसान
इंसानियत ही हो जिसकी पहचान
इसलिए आज तुम्हें उठना ही होगा
पाने के लिए अपना खोया सम्मान
आज धरती मांगती है तुमसे बलिदान
भूल जाओ सब रिश्ते नाते
भूल जाओ सब काम
शिक्षा ही तुम्हारा धर्म है
शिक्षा ही तुम्हारा मजहब है
शिक्षा ही है तुम्हारे चारों धाम
उठो पढाओ नैतिकता का पाठ
सिखाओ करना माँ का सम्मान
भारत को बनाना है महान
संसार मे दिलानी है अलग पहचान ।
इसलिए उठ ए शिक्षिका
कि तेरे करणधारों को तेरी ज़रूरत है ।
उठ तेरे नौनिहालों का भविष्य
तेरे वर्तमान पर निर्भर है ।
उठ तुझे उठना ही होगा
उठ तुझे उठना ही होगा
Thursday, 10 September 2015
Sufferings & Sorrows
Suffering & Sorrows
Sufferings and sorrows are
my best friends
each & every manner
they are with me
whenever i feel happy
they come to me
& be with me
on my behalf i also
welcome them heartly
because i know
There is no life without them
they doubled my happiness & joy
they encourage & strengthen me
to lead ahead to move forward
without any obstacle without any fear
so i call them my best friends
Thursday, 4 April 2013
life
we are enjoying life at its full swing ,don't think about any adversity,any failure.We think it goes smoothly for whole time.But never happens what we thinks. Some times it led us towards darkness. We fell into a great problem and unable to find any solution of our problem. Then we think about our destiny,mistakes,horrors of life.Why our life become so crucial? this type of changes forced us to think about the supernatural power .
Tuesday, 19 June 2012
Destiny
I always believe in
who dares
wins
but
it always not true
it is not necessary
that winner is always darer
sometimes a coward
may be winner
I don't know
who cooperates
a destiny,time,god or.......................
who dares
wins
but
it always not true
it is not necessary
that winner is always darer
sometimes a coward
may be winner
I don't know
who cooperates
a destiny,time,god or.......................
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