Wednesday, 11 September 2019

धर्म की आङ में


                                          धर्म की आड़ में 

                  कुछ दिनों से रोज जब भी अखबार पढ़ती हूँ छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाओं से मन बहुत दुखी होता है |  गरीब घर की छोटी लडकियां सबसे आसान शिकार होती हैं | बीमार  मानसिकता वाले लोग अपनी हवस पुरी करने के लिए किसी न किसी तरह लालच देकर या जबरदस्ती से बच्चियों को अपने पास बुला लेते हैं |
ये वो लड़कियां होती हैं जिनके माँ बाप कहीं मजदूरी करते हैं या खेतों पर काम करते हैं |  आदमी औरत दोनों के लिए काम करना जरुरी हो गया है | बच्चों को अकेले छोड़ना उससे भी बड़ी मजबूरी | इस तरह की घटनाएँ सारी मानव जाति के लिए शर्मनाक हैं | किसी भी समाज में किसी भी देश में इस तरह की घटनायें मानवता को शर्मसार करती हैं |
लेकिन आजकल जो चलन चल पड़ा है वो मुझे बहुत विचलित करता है कुछ लोग इसे भी हिन्दू मुस्लिम रंग देने की कोशिश करते है  जो किसी भी तरह से मान्य नहीं हो सकता | कैसी विडंबना है हमारे समाज की ? जिस बुराई को रोक नहीं सकते उसे सांपरदायिक रंग दे दो | लोगो को मुद्दे से ही भटका दो | कितनी शारीरिक व मानसिक यंत्रणा भुगतती है वो बच्ची व उसके माँ बाप |
बस  ! ये बुराई अब जड़ से ख़तम होनी ही चाहिए | अगर ऐसी बच्चियों के लिए कुछ नहीं केर सकते तो कम से कम धर्म की आड़ तो मत लो | 

Saturday, 17 August 2019

पानी की बर्बादी


बहुत दिनों से सुबह सैर पर जाने की सोच रही थी | आज रविवार था और नींद भी जल्दी खुल गई तो सोचा सैर ही कर ली जाए|  बड़े मन से और खुश होकर सैर के लिये घर से निकली | अभी कुछ दूर ही गई थी पड़ोस के एक घर से मोटर चलने और पानी की टंकी से पानी गिरने की आवाज आ रही थी | मै पानी की बर्बादी न देख सकी और मैने घेर की डोरबल बजा दी | काफी देर बाद एक आंटी ने दरवाजा खोला जब मैने उन्हें पानी गिरने और मोटर बंद करने को कहा तो उन्होंने बुरा सा मुहँ बनाया और मोटर बंद कर दी | लेकिन यह क्या बहुत से घरों से ऐसे ही पानी बह रहा था| मेरा सैर करने का सारा मूड ही खराब हो गया और मै सोचने लगी लोग पानी की इतनी बर्बादी क्यों करते है | माना  बड़े बड़े घरों में ज्यादा हॉर्स पावर की मोटर लगी हुई है इसका ये मतलब तो नहीं कि  पानी को इस तरह बर्बाद करे 

Sunday, 13 September 2015

रचनाएँ

                                          कुछ रचनायें  रचो
                                                सुखद भविष्य की
                                       कुछ  कल्पनायें करो
                                                हंसी ख्वाबों की
                                        चित्र बनाओ चित्रण करो
                                             सुन्दर जीवन रूपी रंगोली का
                                       आओ रंग बिखेरो
                                             जीवन में रंगीं बहारों के
                                      आज बाद मुद्दत
                                             दस्तक दी है  ख़ुशी ने 

Saturday, 12 September 2015

शिक्षिका

उठ ए  शिक्षिका 
कि तेरे करणधारों को तेरी ज़रूरत है । 
उठ  तेरे नौनिहालों  का भविष्य 
तेरे वर्तमान पर  निर्भर है । 
उठो , कि  तुम  उठा  सको सोए हुए  समाज को 
उठ  कि  उनको बता सको 
अपनी महान सभ्यता संस्कृति की बात 
उठो  कि  तुम्हारे उठने से देश उठेगा 
उठो कयोंकि तुम्हारे उठने से ही  रुकेगी 
भ्रूण हत्या ,दहेज हत्या, बलात्कार और शोषण  । 
साम्प्रदायकिता की धधकती आग को 
जलते हुए पंजाब ,गुजरात को 
बचा सकती हो सिर्फ तुम 
तुम  ही  सक्षम हो, तुम  ही आधार हो 
इस धरा की  इस  प्रकृति की । 
 तुम  ही रचना हो ,तुम  ही रचनाकार  हो 
तुम  ही वो  कुम्हार  हो जिसने रचना है 
देश के  युवा  को 
तुम ही  बचा सकती  हो 
उन्हें आंतकवादी बनने  से 
तुम ही  बना  सकती  हो उन्हें 
धैर्यवान ,ऊर्जावान  जागरूक  इंसान 
लिंगभेद न  हो ,न हो  जाति  धर्म  में  भेद । 
सब  हो इंसान सिर्फ  इंसान 
इंसानियत  ही हो  जिसकी पहचान 
इसलिए आज तुम्हें उठना ही होगा 
पाने के लिए  अपना खोया सम्मान 
आज धरती मांगती है तुमसे बलिदान 
भूल जाओ सब रिश्ते नाते 
भूल जाओ सब काम 
शिक्षा ही तुम्हारा धर्म है 
शिक्षा ही तुम्हारा मजहब है 
शिक्षा ही है तुम्हारे चारों धाम 
उठो पढाओ नैतिकता का पाठ 
सिखाओ करना माँ  का सम्मान 
भारत को बनाना  है महान 
संसार मे दिलानी है  अलग  पहचान  । 
इसलिए उठ ए  शिक्षिका 
कि तेरे करणधारों को तेरी ज़रूरत है । 
 उठ  तेरे नौनिहालों  का भविष्य 
तेरे वर्तमान पर  निर्भर है । 
उठ तुझे उठना ही होगा 
 उठ तुझे उठना ही होगा 
 

Thursday, 10 September 2015

Sufferings & Sorrows

    Suffering &  Sorrows

Sufferings and sorrows are
my best friends
each & every manner
they are with me
whenever i feel happy
they come to me
& be with me
on my behalf i also
welcome them heartly
because i know
There is no life without them
they doubled my happiness & joy
they encourage & strengthen me
to lead ahead to move forward
without any obstacle without any fear
so i call them my best friends

Thursday, 4 April 2013

life

we are enjoying life at its full swing ,don't think about any adversity,any failure.We think it goes smoothly for whole time.But never happens what  we thinks. Some times it led us towards darkness. We fell into a great problem and unable to find any solution of our problem. Then we think about our destiny,mistakes,horrors of life.Why our life become so crucial? this type of changes forced us to think about the supernatural power .