212 2 12 12 22
1अब तपिश ने किया इशारा है
चढ़ रहा रोज फिर से पारा है
2.मौसमी बारिशों के आने से
देखने को मिला नजारा है
3. बांटने की करो न कोशिश अब
नाज यूँ हिन्द पर हमारा है
4 मत सहारा लो झूठ का देखो
सच के आगे ये झूठ हारा है
5.साथ दे जो मदद करे सबकी
बस रहे उस का ही सहारा है
6 दम नही जो मिटा दे हस्ती को
खुद को मिट मिट के ही सॅंवारा है
7 नील डरती नहीं चुनौती से
उसका संघर्ष ही तो नारा है

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