Saturday, 26 October 2024

एक तरफा इश्क़

 खारी फितरत

एक तरफा इश्क की

 बानगी तो देखिए 

छोड़ देती हैं नदिया 

अपनी शोखी अपनी चंचलता

 आतुर हो उठती है मिलने को 

उस प्रियतम से 

जिससे ना मिली है कभी

ना जानती हैं जिसकी खारी फितरत को

हिस्सा बन जाती हैं उस विशाल समुद्र का

छोड़ अपना वजूद अपना अस्तित्व 

         

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