Tuesday, 9 November 2021

दवा बन जा

                   दवा बन जा


ले दर्द सारे किसी के लिए दवा बन जा
लेकर गम बस उसीका हमनवाँ बन जा

सुन किसी के दिल की बात शिद्दत से
प्यार से समझा  और राजदाँ बन जा

काम आ दूसरों के सोच गम की बात
देकर साथ सब  का खैरखवाह बन जा

सुन दुख किसी का बस हँसते है सब
समझ दर्द  किसी का और  दवा बन जा

मत सोच लोग क्या सोचते हैं कहते हैं क्या
कर अपने मन की और बेपरवाह बन जा

बाहर निकाल खुद को निराशा के घेरे से
जिन्दा रख बचपन और लापरवाह बन जा


हरदम मदद को हाथ बढाकर नीलम
कायम कर नई मिसाल और दास्ताँ बन जा 

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