Thursday, 7 October 2021

बेवजह

             बेवजह


जिन्दगी के दाग दिखाए नही जाते
कुछ राज सबको बताए नही जाते

मिल जाते है कुछ खुशनसीब ऐसे
जिनसे जख्म सारे छिपाए नही जाते

साथी तो बहुत है हाथ थामने वाले
सब  के लिए हाथ बढाए नही जाते

मजाक बना लेते है दिल की बात का
सबको अपने सपने सुनाए नहीं जाते

रुलाने के लिए  तैयार बैठा है हर कोई
सबके लिए तो  आँसू बहाए नहीं जाते

कभी तो बात कर मुझसे हकीकत की
सपनों के शहर में घर बसाए नहीं जाते

मुस्कुराने की फितरत को यूँ ही रख
बेवजह नीलम दिल जलाए नहीं जाते
                

2 comments: